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Book Review : Mr. Dipak Mohan Gavit, MGV’s Loknete Vyankatrao Hiray Arts Science and Commerce College Panchvati Nashik.

दुसरे महायुद्ध: एक संक्षिप्त विवरण
दूसरे महायुद्ध 1939 से 1945 के बीच हुआ एक विनाशकारी वैश्विक युद्ध था। यह इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे घातक युद्ध था, जिसमें लाखों लोगों की जान गई और दुनिया के कई हिस्से तबाह हो गए।
युद्ध के कारण
* उग्र राष्ट्रवाद: जर्मनी, इटली और जापान जैसे देशों में उग्र राष्ट्रवाद का उदय हुआ, जिसके कारण वे अपने पड़ोसी देशों पर आक्रमण करने लगे।
* वर्साय की संधि: प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी पर लगाई गई कठोर शर्तों ने जर्मनी में नाराजगी पैदा की, जिसने हिटलर जैसे नेताओं को सत्ता में आने का मौका दिया।
* आर्थिक मंदी: 1930 के दशक में आई महान आर्थिक मंदी ने कई देशों की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा।
प्रमुख घटनाएँ
* जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण: 1 सितंबर, 1939 को जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण कर दिया, जिसके कारण द्वितीय विश्वयुद्ध शुरू हुआ।
* पर्ल हार्बर पर हमला: 7 दिसंबर, 1941 को जापान ने अमेरिका के पर्ल हार्बर पर हमला किया, जिसके कारण अमेरिका युद्ध में शामिल हो गया।
* डी-डे: 6 जून, 1944 को मित्र राष्ट्रों ने फ्रांस में नॉर्मंडी में उतरकर पश्चिमी मोर्चे पर जर्मनी के खिलाफ हमला शुरू किया।
* जापान पर परमाणु बम: 6 अगस्त, 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर और 9 अगस्त को नागासाकी पर परमाणु बम गिराए, जिसके कारण जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया।
युद्ध का प्रभाव
* लाखों लोगों की मौत: इस युद्ध में करोड़ों लोग मारे गए और लाखों लोग बेघर हो गए।
* विश्व व्यवस्था में बदलाव: युद्ध के बाद दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बड़े बदलाव आए।
* संयुक्त राष्ट्र का गठन: युद्ध के बाद शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र का गठन किया गया।
भारत का योगदान
भारत ने भी द्वितीय विश्वयुद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश सेना के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी।

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